माहात्म्यज्ञान

श्रुतिस्मृति सूत्र एवं पुराणादि शास्त्रों से प्रतिपादित शुद्धाद्वैत ब्रह्मवाद के अनुसार सत् चित् और आनन्द के वास्तव स्वरूप को समझना ही माहात्म्यज्ञान है।